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श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 1: बाल काण्ड  »  सर्ग 20: राजा दशरथ का विश्वामित्र को अपना पुत्र देने से इनकार करना और विश्वामित्र का कुपित होना  »  श्लोक 7
 
 
श्लोक  1.20.7 
बालो ह्यकृतविद्यश्च न च वेत्ति बलाबलम्।
न चास्त्रबलसंयुक्तो न च युद्धविशारद:॥ ७॥
 
 
अनुवाद
मेरा राम अभी बालक है। उसने अभी तक युद्धकला नहीं सीखी है। वह दूसरों के बल को नहीं जानता। न तो उसके पास शस्त्र हैं और न ही वह युद्धकला में निपुण है।
 
‘My Ram is still a child. He has not yet learnt the art of war. He does not know the strength of others. He is neither endowed with weapons nor skilled in the art of war.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)