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ramayan 1.20.23-24h: 'हे महामुनि! रावण युद्धस्थल में बलवानों का बल छीन लेता है, इसलिए मैं अपनी सेना और पुत्रों के साथ होते हुए भी उससे और उसके सैनिकों से युद्ध करने में असमर्थ हूँ।'   |   ramayan सर्ग 1.20: राजा दशरथ का विश्वामित्र को अपना पुत्र देने से इनकार करना और विश्वामित्र का कुपित होना   ।   ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 1: बाल काण्ड  »  सर्ग 20: राजा दशरथ का विश्वामित्र को अपना पुत्र देने से इनकार करना और विश्वामित्र का कुपित होना  »  श्लोक 23-24h
 
 
श्लोक  1.20.23-24h 
स तु वीर्यवतां वीर्यमादत्ते युधि रावण:।
तेन चाहं न शक्तोऽस्मि संयोद्धुं तस्य वा बलै:॥ २३॥
सबलो वा मुनिश्रेष्ठ सहितो वा ममात्मजै:।
 
 
अनुवाद
'हे महामुनि! रावण युद्धस्थल में बलवानों का बल छीन लेता है, इसलिए मैं अपनी सेना और पुत्रों के साथ होते हुए भी उससे और उसके सैनिकों से युद्ध करने में असमर्थ हूँ।'
 
'O great sage! Ravana snatches the strength of the strong in the battlefield, so even though I am with my army and sons, I am unable to fight him and his soldiers. 23 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)