Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 1.20.14-15h: 'ब्रह्मन्! मेरे सैनिक अथवा मैं स्वयं उन मय योद्धा दैत्यों से किस प्रकार युद्ध करूँ? हे प्रभु! कृपा करके मुझे ये सब बातें बताइए। मैं उन दुष्टों के साथ युद्ध में किस प्रकार खड़ा रहूँ? क्योंकि दैत्यों को अपने बल का बड़ा अभिमान होता है।'॥14 1/2॥ | ramayan सर्ग 1.20: राजा दशरथ का विश्वामित्र को अपना पुत्र देने से इनकार करना और विश्वामित्र का कुपित होना । ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
मामकैर्वा बलैर्ब्रह्मन् मया वा कूटयोधिनाम्।
सर्वं मे शंस भगवन् कथं तेषां मया रणे॥ १४॥
स्थातव्यं दुष्टभावानां वीर्योत्सिक्ता हि राक्षसा:।
अनुवाद
'ब्रह्मन्! मेरे सैनिक अथवा मैं स्वयं उन मय योद्धा दैत्यों से किस प्रकार युद्ध करूँ? हे प्रभु! कृपा करके मुझे ये सब बातें बताइए। मैं उन दुष्टों के साथ युद्ध में किस प्रकार खड़ा रहूँ? क्योंकि दैत्यों को अपने बल का बड़ा अभिमान होता है।'॥14 1/2॥
'Brahman! How should my soldiers or I myself fight back against those Maya warrior demons? O Lord! Please tell me all these things. How should I stand in battle with those wicked ones? Because demons are very proud of their power.'॥ 14 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥