Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 1.20.11-12h: 'धर्म-प्रदेश राम मेरे चार पुत्रों में सबसे बड़े हैं, इसलिए वे मुझे सबसे अधिक प्रिय हैं; इसलिए कृपया राम को मत ले जाइए।   |   ramayan सर्ग 1.20: राजा दशरथ का विश्वामित्र को अपना पुत्र देने से इनकार करना और विश्वामित्र का कुपित होना   ।   ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 1: बाल काण्ड  »  सर्ग 20: राजा दशरथ का विश्वामित्र को अपना पुत्र देने से इनकार करना और विश्वामित्र का कुपित होना  »  श्लोक 11-12h
 
 
श्लोक  1.20.11-12h 
चतुर्णामात्मजानां हि प्रीति: परमिका मम॥ ११॥
ज्येष्ठे धर्मप्रधाने च न रामं नेतुमर्हसि।
 
 
अनुवाद
'धर्म-प्रदेश राम मेरे चार पुत्रों में सबसे बड़े हैं, इसलिए वे मुझे सबसे अधिक प्रिय हैं; इसलिए कृपया राम को मत ले जाइए।
 
'Dharma-Pradesh Ram is the eldest of my four sons; therefore I love him the most; therefore please do not take Ram away.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)