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श्लोक 1.2.26  |
अथोपविश्य भगवानासने परमार्चिते।
वाल्मीकये च ऋषये संदिदेशासनं तत:॥ २६॥ |
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| अनुवाद |
| भगवान ब्रह्मा ने बहुत अच्छे आसन पर बैठकर महर्षि वाल्मीकि को भी आसन ग्रहण करने का आदेश दिया॥26॥ |
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| Lord Brahma, sitting on a very good seat, ordered sage Valmiki also to take the seat. 26॥ |
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