श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 1: बाल काण्ड  »  सर्ग 2: तमसा तट पर क्रौंचवध की घटना से शोक संतप्त वाल्मीकि को ब्रह्मा द्वारा रामचरित्रमय काव्य लेखन का आदेश देना  »  श्लोक 26
 
 
श्लोक  1.2.26 
अथोपविश्य भगवानासने परमार्चिते।
वाल्मीकये च ऋषये संदिदेशासनं तत:॥ २६॥
 
 
अनुवाद
भगवान ब्रह्मा ने बहुत अच्छे आसन पर बैठकर महर्षि वाल्मीकि को भी आसन ग्रहण करने का आदेश दिया॥26॥
 
Lord Brahma, sitting on a very good seat, ordered sage Valmiki also to take the seat. 26॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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