Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 1.2.14: स्वभावतः दया का अनुभव करने वाले ब्रह्मर्षि ने 'यह अन्याय हुआ है' ऐसा निश्चय करके रोते हुए क्रौंचि की ओर देखकर निषाद से इस प्रकार कहा -॥14॥ | ramayan सर्ग 1.2: तमसा तट पर क्रौंचवध की घटना से शोक संतप्त वाल्मीकि को ब्रह्मा द्वारा रामचरित्रमय काव्य लेखन का आदेश देना । ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
स्वभावतः दया का अनुभव करने वाले ब्रह्मर्षि ने 'यह अन्याय हुआ है' ऐसा निश्चय करके रोते हुए क्रौंचि की ओर देखकर निषाद से इस प्रकार कहा -॥14॥
Brahmarshi, who naturally experiences compassion, having decided that 'this injustice has happened', looking towards the crying Kraunchi, said to Nishad thus -॥ 14॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥