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ramayan 1.2.1: देवर्षि नारदजी के उपर्युक्त वचन सुनकर वाक्पटु एवं धर्मज्ञ महर्षि वाल्मीकि ने अपने शिष्यों के साथ उन महात्मा की पूजा की॥1॥   |   ramayan सर्ग 1.2: तमसा तट पर क्रौंचवध की घटना से शोक संतप्त वाल्मीकि को ब्रह्मा द्वारा रामचरित्रमय काव्य लेखन का आदेश देना   ।   ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  1.2.1 
नारदस्य तु तद् वाक्यं श्रुत्वा वाक्यविशारद:।
पूजयामास धर्मात्मा सहशिष्यो महामुनिम्॥ १॥
 
 
अनुवाद
देवर्षि नारदजी के उपर्युक्त वचन सुनकर वाक्पटु एवं धर्मज्ञ महर्षि वाल्मीकि ने अपने शिष्यों के साथ उन महात्मा की पूजा की॥1॥
 
Hearing the above words of Devarshi Naradji, the eloquent and religious sage Valmiki along with his disciples worshiped that great saint. 1॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)