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ramayan 1.19.6-7h: 'उन्होंने मेरी बलिवेदी पर रक्त और मांस की वर्षा की है। उस अनुष्ठान के, जो लगभग समाप्त हो चुका था, विघ्न पड़ने के कारण मेरे प्रयास व्यर्थ हो गए और मैं निराश होकर उस स्थान से चला गया।'   |   ramayan सर्ग 1.19: विश्वामित्र के मुख से श्रीराम को साथ ले जाने की माँग सुनकर राजा दशरथ का दुःखित एवं मूर्च्छित होना   ।   ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 1: बाल काण्ड  »  सर्ग 19: विश्वामित्र के मुख से श्रीराम को साथ ले जाने की माँग सुनकर राजा दशरथ का दुःखित एवं मूर्च्छित होना  »  श्लोक 6-7h
 
 
श्लोक  1.19.6-7h 
तौ मांसरुधिरौघेण वेदिं तामभ्यवर्षताम्।
अवधूते तथाभूते तस्मिन् नियमनिश्चये॥ ६॥
कृतश्रमो निरुत्साहस्तस्माद् देशादपाक्रमे।
 
 
अनुवाद
'उन्होंने मेरी बलिवेदी पर रक्त और मांस की वर्षा की है। उस अनुष्ठान के, जो लगभग समाप्त हो चुका था, विघ्न पड़ने के कारण मेरे प्रयास व्यर्थ हो गए और मैं निराश होकर उस स्थान से चला गया।'
 
'They have showered blood and flesh on my sacrificial altar. Due to the disruption of that ritual which was almost over, my efforts went in vain and I left that place in despair. 6 1/2.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)