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ramayan 1.19.4: हे महात्मन! मैं सिद्धि प्राप्ति हेतु अनुष्ठान कर रहा हूँ। इच्छानुसार रूप धारण करने वाले दो राक्षस इसमें विघ्न डाल रहे हैं।॥4॥   |   ramayan सर्ग 1.19: विश्वामित्र के मुख से श्रीराम को साथ ले जाने की माँग सुनकर राजा दशरथ का दुःखित एवं मूर्च्छित होना   ।   ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  1.19.4 
अहं नियममातिष्ठे सिद्धॺर्थं पुरुषर्षभ।
तस्य विघ्नकरौ द्वौ तु राक्षसौ कामरूपिणौ॥ ४॥
 
 
अनुवाद
हे महात्मन! मैं सिद्धि प्राप्ति हेतु अनुष्ठान कर रहा हूँ। इच्छानुसार रूप धारण करने वाले दो राक्षस इसमें विघ्न डाल रहे हैं।॥4॥
 
'O great man! I am performing a ritual for attaining siddhi. Two demons who take any form at will are creating obstacles in it. ॥ 4॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)