Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 1.19.20-21h: विश्वामित्र के ये शुभ वचन सुनकर राजा दशरथ पुत्र वियोग के भय से अत्यन्त दुःखी हो गये। इससे पीड़ित होकर वे सहसा काँप उठे और मूर्छित होकर गिर पड़े। | ramayan सर्ग 1.19: विश्वामित्र के मुख से श्रीराम को साथ ले जाने की माँग सुनकर राजा दशरथ का दुःखित एवं मूर्च्छित होना । ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
स तन्निशम्य राजेन्द्रो विश्वामित्रवच: शुभम्॥ २०॥
शोकेन महताविष्टश्चचाल च मुमोह च।
अनुवाद
विश्वामित्र के ये शुभ वचन सुनकर राजा दशरथ पुत्र वियोग के भय से अत्यन्त दुःखी हो गये। इससे पीड़ित होकर वे सहसा काँप उठे और मूर्छित होकर गिर पड़े।
Hearing these auspicious words of Vishwamitra, King Dasharath was greatly saddened by the fear of the separation from his son. Afflicted by this, he suddenly trembled and fell unconscious. 20 1/2.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥