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ramayan 1.19.15-16h: 'राजेन्द्र! यदि तुम इस पृथ्वी पर धर्म का लाभ और अपना महान यश बनाये रखना चाहते हो, तो श्री राम को मुझे सौंप दो।'   |   ramayan सर्ग 1.19: विश्वामित्र के मुख से श्रीराम को साथ ले जाने की माँग सुनकर राजा दशरथ का दुःखित एवं मूर्च्छित होना   ।   ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  1.19.15-16h 
यदि ते धर्मलाभं तु यशश्च परमं भुवि॥ १५॥
स्थिरमिच्छसि राजेन्द्र रामं मे दातुमर्हसि।
 
 
अनुवाद
'राजेन्द्र! यदि तुम इस पृथ्वी पर धर्म का लाभ और अपना महान यश बनाये रखना चाहते हो, तो श्री राम को मुझे सौंप दो।'
 
'Rajendra! If you wish to maintain the benefits of religion and your great fame on this earth, then hand over Sri Rama to me. 15 1/2.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)