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ramayan 1.19.14-15h: मैं जानता हूँ कि सच्चे और वीर महात्मा श्री राम कौन हैं। महाबली वसिष्ठ तथा ये अन्य तपस्वी भी इसे जानते हैं॥14 1/2॥   |   ramayan सर्ग 1.19: विश्वामित्र के मुख से श्रीराम को साथ ले जाने की माँग सुनकर राजा दशरथ का दुःखित एवं मूर्च्छित होना   ।   ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  1.19.14-15h 
अहं वेद्मि महात्मानं रामं सत्यपराक्रमम्॥ १४॥
वसिष्ठोऽपि महातेजा ये चेमे तपसि स्थिता:।
 
 
अनुवाद
मैं जानता हूँ कि सच्चे और वीर महात्मा श्री राम कौन हैं। महाबली वसिष्ठ तथा ये अन्य तपस्वी भी इसे जानते हैं॥14 1/2॥
 
‘I know who the true and valiant Mahatma Shri Ram is. The mighty Vasishtha and these other ascetics also know this.॥ 14 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)