Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 1.18.58: आप जो भी आज्ञा देंगे, मैं उसका पूर्णतः पालन करूँगा; क्योंकि आप मेरे गृहस्थ के लिए सम्माननीय अतिथि होने के कारण देवता हैं। हे ब्रह्मन्! आज आपके आगमन से मुझे समस्त धर्मों का उत्तम फल प्राप्त हुआ है। यह मेरे महान उत्थान का अवसर है।॥ 58॥ | ramayan सर्ग 1.18: श्रीराम, भरत, लक्ष्मण तथा शत्रुघ्न के जन्म, संस्कार, शीलस्वभाव एवं सद्गुण, राजा के दरबार में विश्वामित्र का आगमन और उनका सत्कार । ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
आप जो भी आज्ञा देंगे, मैं उसका पूर्णतः पालन करूँगा; क्योंकि आप मेरे गृहस्थ के लिए सम्माननीय अतिथि होने के कारण देवता हैं। हे ब्रह्मन्! आज आपके आगमन से मुझे समस्त धर्मों का उत्तम फल प्राप्त हुआ है। यह मेरे महान उत्थान का अवसर है।॥ 58॥
'Whatever you command, I will obey it completely; because being an honorable guest, you are a god for me, a householder. O Brahman! Today, by your arrival, I have received the best fruits of all the Dharmas. This is the occasion for my great rise.'॥ 58॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥