Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 1.18.54-55: 'मेरी पिछली रात्रि एक सुन्दर प्रभात में बदल गई, जिसके कारण आज मैंने आपको, श्रेष्ठ ब्राह्मण, देखा। पूर्वकाल में आप राजर्षि कहलाते थे, फिर तपस्या करके आपने अपनी अद्भुत महिमा प्रकट की और ब्रह्मर्षि पद प्राप्त किया; अतः आप राजर्षि और ब्रह्मर्षि दोनों रूपों में मेरे पूजनीय हैं। आपका यहाँ मेरे समक्ष शुभ आगमन अत्यंत पवित्र और अद्भुत है। | ramayan सर्ग 1.18: श्रीराम, भरत, लक्ष्मण तथा शत्रुघ्न के जन्म, संस्कार, शीलस्वभाव एवं सद्गुण, राजा के दरबार में विश्वामित्र का आगमन और उनका सत्कार । ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
'मेरी पिछली रात्रि एक सुन्दर प्रभात में बदल गई, जिसके कारण आज मैंने आपको, श्रेष्ठ ब्राह्मण, देखा। पूर्वकाल में आप राजर्षि कहलाते थे, फिर तपस्या करके आपने अपनी अद्भुत महिमा प्रकट की और ब्रह्मर्षि पद प्राप्त किया; अतः आप राजर्षि और ब्रह्मर्षि दोनों रूपों में मेरे पूजनीय हैं। आपका यहाँ मेरे समक्ष शुभ आगमन अत्यंत पवित्र और अद्भुत है।
‘My last night gave way to a beautiful morning, due to which I saw you, the greatest of Brahmins today. In the past, you were referred to as Rajarshi, then by performing penance, you manifested your wonderful glory and attained the position of Brahmarshika; hence, you are worthy of my worship in both the forms of Rajarshi and Brahmarshi. Your auspicious arrival here before me is extremely sacred and wonderful.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥