श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 1: बाल काण्ड  »  सर्ग 18: श्रीराम, भरत, लक्ष्मण तथा शत्रुघ्न के जन्म, संस्कार, शीलस्वभाव एवं सद्गुण, राजा के दरबार में विश्वामित्र का आगमन और उनका सत्कार  »  श्लोक 5
 
 
श्लोक  1.18.5 
गतेषु पृथिवीशेषु राजा दशरथ: पुन:।
प्रविवेश पुरीं श्रीमान् पुरस्कृत्य द्विजोत्तमान्॥ ५॥
 
 
अनुवाद
उन राजाओं के चले जाने पर श्रेष्ठ ब्राह्मणों को साथ लेकर महाबली राजा दशरथ अपने नगर में आए ॥5॥
 
After those kings had departed, the great King Dasharatha entered his city, leading the best of the brahmins. ॥ 5॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)