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ramayan 1.18.41-42h: राजा के दरबार में पहुँचकर उसने इक्ष्वाकु वंश के पुत्र अवधनरेश से कहा- 'महाराज! महर्षि विश्वामित्र आ गये।'   |   ramayan सर्ग 1.18: श्रीराम, भरत, लक्ष्मण तथा शत्रुघ्न के जन्म, संस्कार, शीलस्वभाव एवं सद्गुण, राजा के दरबार में विश्वामित्र का आगमन और उनका सत्कार   ।   ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 1: बाल काण्ड  »  सर्ग 18: श्रीराम, भरत, लक्ष्मण तथा शत्रुघ्न के जन्म, संस्कार, शीलस्वभाव एवं सद्गुण, राजा के दरबार में विश्वामित्र का आगमन और उनका सत्कार  »  श्लोक 41-42h
 
 
श्लोक  1.18.41-42h 
ते गत्वा राजभवनं विश्वामित्रमृषिं तदा॥ ४१॥
प्राप्तमावेदयामासुर्नृपायेक्ष्वाकवे तदा।
 
 
अनुवाद
राजा के दरबार में पहुँचकर उसने इक्ष्वाकु वंश के पुत्र अवधनरेश से कहा- 'महाराज! महर्षि विश्वामित्र आ गये।'
 
Reaching the king's court he said to Avadhanresh, the son of the Ikshvaku clan - 'Maharaj! Maharishi Visvamitra has arrived.'
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)