Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 1.18.39-40h: वह राजा से मिलना चाहता था। उसने द्वारपालों से कहा, 'तुम सब शीघ्र जाकर राजा को समाचार दो कि कुशिकवंशी गाधिपुत्र विश्वामित्र आ गए हैं।'   |   ramayan सर्ग 1.18: श्रीराम, भरत, लक्ष्मण तथा शत्रुघ्न के जन्म, संस्कार, शीलस्वभाव एवं सद्गुण, राजा के दरबार में विश्वामित्र का आगमन और उनका सत्कार   ।   ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 1: बाल काण्ड  »  सर्ग 18: श्रीराम, भरत, लक्ष्मण तथा शत्रुघ्न के जन्म, संस्कार, शीलस्वभाव एवं सद्गुण, राजा के दरबार में विश्वामित्र का आगमन और उनका सत्कार  »  श्लोक 39-40h
 
 
श्लोक  1.18.39-40h 
स राज्ञो दर्शनाकांक्षी द्वाराध्यक्षानुवाच ह॥ ३९॥
शीघ्रमाख्यात मां प्राप्तं कौशिकं गाधिन: सुतम्।
 
 
अनुवाद
वह राजा से मिलना चाहता था। उसने द्वारपालों से कहा, 'तुम सब शीघ्र जाकर राजा को समाचार दो कि कुशिकवंशी गाधिपुत्र विश्वामित्र आ गए हैं।'
 
He wanted to meet the king. He said to the gatekeepers, 'You all go quickly and inform the king that Vishwamitra, son of Gadhi from Kushika dynasty has come.'
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)