श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 1: बाल काण्ड  »  सर्ग 18: श्रीराम, भरत, लक्ष्मण तथा शत्रुघ्न के जन्म, संस्कार, शीलस्वभाव एवं सद्गुण, राजा के दरबार में विश्वामित्र का आगमन और उनका सत्कार  »  श्लोक 25
 
 
श्लोक  1.18.25 
बभूव भूयो भूतानां स्वयम्भूरिव सम्मत:।
सर्वे वेदविद: शूरा: सर्वे लोकहिते रता:॥ २५॥
 
 
अनुवाद
वे स्वयंभू ब्रह्मा के समान समस्त प्राणियों के प्रिय थे। राजा के सभी पुत्र वेदों के विद्वान और पराक्रमी योद्धा थे। वे सभी लोक-कल्याण के कार्यों में लगे रहते थे॥ 25॥
 
He was dear to all beings like Swayambhu Brahma. All the sons of the king were scholars of Vedas and valiant warriors. All of them were engaged in works for the welfare of the people.॥ 25॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)