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ramayan 1.18.20: राजा दशरथ ने सूतों, मागधों और कैदियों को उचित पुरस्कार दिए तथा ब्राह्मणों को धन और हजारों पशु भी दिए।   |   ramayan सर्ग 1.18: श्रीराम, भरत, लक्ष्मण तथा शत्रुघ्न के जन्म, संस्कार, शीलस्वभाव एवं सद्गुण, राजा के दरबार में विश्वामित्र का आगमन और उनका सत्कार   ।   ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 1: बाल काण्ड  »  सर्ग 18: श्रीराम, भरत, लक्ष्मण तथा शत्रुघ्न के जन्म, संस्कार, शीलस्वभाव एवं सद्गुण, राजा के दरबार में विश्वामित्र का आगमन और उनका सत्कार  »  श्लोक 20
 
 
श्लोक  1.18.20 
प्रदेयांश्च ददौ राजा सूतमागधवन्दिनाम्।
ब्राह्मणेभ्यो ददौ वित्तं गोधनानि सहस्रश:॥ २०॥
 
 
अनुवाद
राजा दशरथ ने सूतों, मागधों और कैदियों को उचित पुरस्कार दिए तथा ब्राह्मणों को धन और हजारों पशु भी दिए।
 
King Dasharatha gave appropriate rewards to the Sutas, Magadhas and the prisoners and also gave wealth and thousands of cattle to the Brahmins.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)