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ramayan 1.17.9: महात्माओं, ऋषियों, सिद्धों, विद्याधरों, नागों और चारणों ने भी वनों में विचरण करने वाले वानरों और भालुओं के रूप में वीर पुत्रों को जन्म दिया॥9॥   |   ramayan सर्ग 1.17: ब्रह्माजी की प्रेरणा से देवता आदि के द्वारा विभिन्न वानरयूथपतियों की उत्पत्ति   ।   ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  1.17.9 
ऋषयश्च महात्मान: सिद्धविद्याधरोरगा:।
चारणाश्च सुतान् वीरान् ससृजुर्वनचारिण:॥ ९॥
 
 
अनुवाद
महात्माओं, ऋषियों, सिद्धों, विद्याधरों, नागों और चारणों ने भी वनों में विचरण करने वाले वानरों और भालुओं के रूप में वीर पुत्रों को जन्म दिया॥9॥
 
Mahatmas, Rishis, Siddhas, Vidyadharas, Nagas and Charanas also gave birth to valiant sons in the form of monkeys and bears roaming in the forests.॥ 9॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)