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ramayan 1.17.36: उन सभी के शरीर और विशेषताएँ भिन्न-भिन्न थीं। वे वीर वानर पर्वतों, वनों और समुद्रों सहित सम्पूर्ण भूमण्डल पर फैल गए।   |   ramayan सर्ग 1.17: ब्रह्माजी की प्रेरणा से देवता आदि के द्वारा विभिन्न वानरयूथपतियों की उत्पत्ति   ।   ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  1.17.36 
तैरियं पृथिवी शूरै: सपर्वतवनार्णवा।
कीर्णा विविधसंस्थानैर्नानाव्यञ्जनलक्षणै:॥ ३६॥
 
 
अनुवाद
उन सभी के शरीर और विशेषताएँ भिन्न-भिन्न थीं। वे वीर वानर पर्वतों, वनों और समुद्रों सहित सम्पूर्ण भूमण्डल पर फैल गए।
 
All of them had different types of bodies and differentiating characteristics. Those valiant monkeys spread across the entire globe including mountains, forests and oceans.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)