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श्लोक  1.17.35 
महाबलो महाबाहुर्वाली विपुलविक्रम:।
जुगोप भुजवीर्येण ऋक्षगोपुच्छवानरान्॥ ३५॥
 
 
अनुवाद
महाबाहु वालि अत्यंत शक्तिशाली और पराक्रमी थे। उन्होंने अपने बल से रीछ, वानरों और अन्य वानरों की रक्षा की। 35.
 
Mahabahu Vali was extremely powerful and valiant. He protected bears, monkeys and other apes with his strength. 35.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)