Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 1.17.27: नदियों के स्वामी अपने वेग से समुद्रों को भी व्याकुल कर सकते थे। उनमें अपने पैरों से पृथ्वी को फाड़ डालने की शक्ति थी। वे समुद्रों को भी लांघ सकते थे॥27॥ | ramayan सर्ग 1.17: ब्रह्माजी की प्रेरणा से देवता आदि के द्वारा विभिन्न वानरयूथपतियों की उत्पत्ति । ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
नदियों के स्वामी अपने वेग से समुद्रों को भी व्याकुल कर सकते थे। उनमें अपने पैरों से पृथ्वी को फाड़ डालने की शक्ति थी। वे समुद्रों को भी लांघ सकते थे॥27॥
With his speed, the lord of rivers could disturb even the oceans. He had the power to tear apart the earth with his feet. He could even cross the oceans.॥ 27॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥