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ramayan 1.17.24: प्रधान अप्सराओं, विद्याधरियों, नागकन्याओं और गन्धर्व पत्नियों के गर्भ से इच्छानुसार आकार और बल वाले तथा इच्छानुसार सर्वत्र विचरण करने वाले वानर उत्पन्न हुए ॥24॥   |   ramayan सर्ग 1.17: ब्रह्माजी की प्रेरणा से देवता आदि के द्वारा विभिन्न वानरयूथपतियों की उत्पत्ति   ।   ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 1: बाल काण्ड  »  सर्ग 17: ब्रह्माजी की प्रेरणा से देवता आदि के द्वारा विभिन्न वानरयूथपतियों की उत्पत्ति  »  श्लोक 24
 
 
श्लोक  1.17.24 
अप्सरस्सु च मुख्यासु तथा विद्याधरीषु च।
नागकन्यासु च तदा गन्धर्वीणां तनूषु च।
कामरूपबलोपेता यथाकामविचारिण:॥ २४॥
 
 
अनुवाद
प्रधान अप्सराओं, विद्याधरियों, नागकन्याओं और गन्धर्व पत्नियों के गर्भ से इच्छानुसार आकार और बल वाले तथा इच्छानुसार सर्वत्र विचरण करने वाले वानर उत्पन्न हुए ॥24॥
 
From the wombs of the main Apsaras, Vidyadharis, snake girls and Gandharva wives, monkeys were born, having shape and strength as per their wish and capable of moving everywhere as per their wish. 24॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)