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ramayan 1.17.23: देवताओं का गुणगान करने वाले वनवासी भाटों के बहुत से वीर और विशाल वानर पुत्र उत्पन्न हुए। वे सब के सब जंगली कंदमूल-फल खाने वाले थे॥ 23॥   |   ramayan सर्ग 1.17: ब्रह्माजी की प्रेरणा से देवता आदि के द्वारा विभिन्न वानरयूथपतियों की उत्पत्ति   ।   ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  1.17.23 
चारणाश्च सुतान् वीरान् ससृजुर्वनचारिण:।
वानरान् सुमहाकायान् सर्वान् वै वनचारिण:॥ २३॥
 
 
अनुवाद
देवताओं का गुणगान करने वाले वनवासी भाटों के बहुत से वीर और विशाल वानर पुत्र उत्पन्न हुए। वे सब के सब जंगली कंदमूल-फल खाने वाले थे॥ 23॥
 
The forest dwelling bards who sang the praises of the gods produced many brave and huge monkey sons. All of them were wild root-fruit eaters.॥ 23॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)