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ramayan 1.17.16: हनुमान्‌ नामक तेजस्वी वानर वायुदेवता के पुत्र थे। उनका शरीर वज्र के समान दृढ़ था। वे गरुड़ के समान तीव्र गति से चलते थे॥16॥   |   ramayan सर्ग 1.17: ब्रह्माजी की प्रेरणा से देवता आदि के द्वारा विभिन्न वानरयूथपतियों की उत्पत्ति   ।   ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  1.17.16 
मारुतस्यौरस: श्रीमान् हनूमान् नाम वानर:।
वज्रसंहननोपेतो वैनतेयसमो जवे॥ १६॥
 
 
अनुवाद
हनुमान्‌ नामक तेजस्वी वानर वायुदेवता के पुत्र थे। उनका शरीर वज्र के समान दृढ़ था। वे गरुड़ के समान तीव्र गति से चलते थे॥16॥
 
The glorious monkey named Hanuman was the son of Vayudevata. His body was as strong as a thunderbolt. He was as fast as Garuda in walking.॥ 16॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)