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ramayan 1.17.14: तेज और सौन्दर्य से युक्त दोनों अश्विनीकुमारों ने स्वयं मैन्द और द्विविद को जन्म दिया ॥14॥   |   ramayan सर्ग 1.17: ब्रह्माजी की प्रेरणा से देवता आदि के द्वारा विभिन्न वानरयूथपतियों की उत्पत्ति   ।   ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  1.17.14 
रूपद्रविणसम्पन्नावश्विनौ रूपसम्मतौ।
मैन्दं च द्विविदं चैव जनयामासतु: स्वयम्॥ १४॥
 
 
अनुवाद
तेज और सौन्दर्य से युक्त दोनों अश्विनीकुमारों ने स्वयं मैन्द और द्विविद को जन्म दिया ॥14॥
 
The two Ashwini Kumaras, endowed with splendour and beauty, themselves gave birth to Maind and Dvivida. ॥ 14॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)