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ramayan 1.17.13: अग्नि के समान तेजस्वी श्रीमान् नील अग्निदेव के पुत्र थे। वे महाबली वानर तेज, यश और बल में श्रेष्ठ थे॥13॥   |   ramayan सर्ग 1.17: ब्रह्माजी की प्रेरणा से देवता आदि के द्वारा विभिन्न वानरयूथपतियों की उत्पत्ति   ।   ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  1.17.13 
पावकस्य सुत: श्रीमान् नीलोऽग्निसदृशप्रभ:।
तेजसा यशसा वीर्यादत्यरिच्यत वीर्यवान्॥ १३॥
 
 
अनुवाद
अग्नि के समान तेजस्वी श्रीमान् नील अग्निदेव के पुत्र थे। वे महाबली वानर तेज, यश और बल में श्रेष्ठ थे॥13॥
 
Shriman Neel, who was as radiant as fire, was the son of Agnidev himself. That mighty monkey was the best in brilliance, fame and strength.॥ 13॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)