Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 1.16.28-29: उन दोनों को देने के बाद जो खीर बची, उसका आधा भाग उन्होंने पुत्र प्राप्ति के उद्देश्य से कैकेयी को दे दिया। तत्पश्चात् शेष आधा खीर परम बुद्धिमान कथावाचक ने कुछ विचार करके पुनः सुमित्रा को दे दिया। इस प्रकार राजा ने अपनी सभी रानियों को अलग-अलग खीर बाँट दी। 28-29॥ | ramayan सर्ग 1.16: श्रीहरि से रावणवध के लिये प्रार्थना, पुत्रेष्टि यज्ञ में प्राजापत्य पुरुष का प्रकट हो खीर अर्पण करना और रानियों का गर्भवती होना । ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
कैकेय्यै चावशिष्टार्धं ददौ पुत्रार्थकारणात्।
प्रददौ चावशिष्टार्धं पायसस्यामृतोपमम्॥ २८॥
अनुचिन्त्य सुमित्रायै पुनरेव महामति:।
एवं तासां ददौ राजा भार्याणां पायसं पृथक्॥ २९॥
अनुवाद
उन दोनों को देने के बाद जो खीर बची, उसका आधा भाग उन्होंने पुत्र प्राप्ति के उद्देश्य से कैकेयी को दे दिया। तत्पश्चात् शेष आधा खीर परम बुद्धिमान कथावाचक ने कुछ विचार करके पुनः सुमित्रा को दे दिया। इस प्रकार राजा ने अपनी सभी रानियों को अलग-अलग खीर बाँट दी। 28-29॥
After giving it to both of them, he gave half of the kheer that was left to Kaikeyi for the purpose of having a son. After that, the remaining half of the cucumber, the most intelligent narrator, after some thinking, again offered it to Sumitra. In this way the king distributed kheer separately to all his queens. 28-29॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥