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ramayan 1.16.23-24: देवताओं द्वारा बनाई गई खीर पाकर राजा दशरथ अत्यंत प्रसन्न हुए, मानो किसी निर्धन को धन मिल गया हो। इसके बाद वह अत्यंत तेजस्वी और अद्भुत पुरुष अपना कार्य पूर्ण करके वहाँ से अंतर्धान हो गए।   |   ramayan सर्ग 1.16: श्रीहरि से रावणवध के लिये प्रार्थना, पुत्रेष्टि यज्ञ में प्राजापत्य पुरुष का प्रकट हो खीर अर्पण करना और रानियों का गर्भवती होना   ।   ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 1: बाल काण्ड  »  सर्ग 16: श्रीहरि से रावणवध के लिये प्रार्थना, पुत्रेष्टि यज्ञ में प्राजापत्य पुरुष का प्रकट हो खीर अर्पण करना और रानियों का गर्भवती होना  »  श्लोक 23-24
 
 
श्लोक  1.16.23-24 
ततो दशरथ: प्राप्य पायसं देवनिर्मितम्।
बभूव परमप्रीत: प्राप्य वित्तमिवाधन:॥ २३॥
ततस्तदद्भुतप्रख्यं भूतं परमभास्वरम्।
संवर्तयित्वा तत् कर्म तत्रैवान्तरधीयत॥ २४॥
 
 
अनुवाद
देवताओं द्वारा बनाई गई खीर पाकर राजा दशरथ अत्यंत प्रसन्न हुए, मानो किसी निर्धन को धन मिल गया हो। इसके बाद वह अत्यंत तेजस्वी और अद्भुत पुरुष अपना कार्य पूर्ण करके वहाँ से अंतर्धान हो गए।
 
After getting the kheer prepared by the gods, King Dasharath became very happy, as if a poor man had got wealth. After this, that extremely brilliant and wonderful man disappeared from there after completing his work. 23-24.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)