श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 1: बाल काण्ड  »  सर्ग 14: महाराज दशरथ के द्वारा अश्वमेध यज्ञ का सांगोपांग अनुष्ठान  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  1.14.9 
गीतिभिर्मधुरै: स्निग्धैर्मन्त्राह्वानैर्यथार्हत:।
होतारो ददुरावाह्य हविर्भागान् दिवौकसाम्॥ ९॥
 
 
अनुवाद
मधुर एवं मनोहर सामगान के स्वर में गाए गए स्तुतिगान द्वारा देवताओं का आवाहन करके होताओं ने उन्हें अपना-अपना भाग अर्पण किया।॥9॥
 
Having invoked the gods by chanting invocations sung in the tune of sweet and pleasant Sama Gaana, the Hotas offered to them their appropriate portions of the offerings.॥ 9॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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