Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 1.14.33: वहाँ रानी कौशल्या ने घोड़े की चारों ओर से पूजा की और फिर बड़ी प्रसन्नता के साथ उसे तीन तलवारों से स्पर्श किया।   |   ramayan सर्ग 1.14: महाराज दशरथ के द्वारा अश्वमेध यज्ञ का सांगोपांग अनुष्ठान   ।   ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 1: बाल काण्ड  »  सर्ग 14: महाराज दशरथ के द्वारा अश्वमेध यज्ञ का सांगोपांग अनुष्ठान  »  श्लोक 33
 
 
श्लोक  1.14.33 
कौसल्या तं हयं तत्र परिचर्य समन्तत:।
कृपाणैर्विशशारैनं त्रिभि: परमया मुदा॥ ३३॥
 
 
अनुवाद
वहाँ रानी कौशल्या ने घोड़े की चारों ओर से पूजा की और फिर बड़ी प्रसन्नता के साथ उसे तीन तलवारों से स्पर्श किया।
 
There Queen Kausalya performed the rituals of worshipping the horse from all sides and then with great pleasure touched it with three swords.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)