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ramayan 1.13.9: ‘शीघ्र ही कई हजार ईंटें लानी चाहिए। राजाओं के रहने के लिए बहुत से महल बनवाने चाहिए, साथ ही उनके लिए भोजन, पेय और अन्य उपयुक्त उपकरण भी रखने चाहिए।॥9॥   |   ramayan सर्ग 1.13: यज्ञ की तैयारी, राजाओं को बुलाने के आदेश एवं उनका सत्कार तथा पत्नियों सहित राजा दशरथ का यज्ञ की दीक्षा लेना   ।   ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 1: बाल काण्ड  »  सर्ग 13: यज्ञ की तैयारी, राजाओं को बुलाने के आदेश एवं उनका सत्कार तथा पत्नियों सहित राजा दशरथ का यज्ञ की दीक्षा लेना  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  1.13.9 
इष्टका बहुसाहस्री शीघ्रमानीयतामिति।
उपकार्या: क्रियन्तां च राज्ञो बहुगुणान्विता:॥ ९॥
 
 
अनुवाद
‘शीघ्र ही कई हजार ईंटें लानी चाहिए। राजाओं के रहने के लिए बहुत से महल बनवाने चाहिए, साथ ही उनके लिए भोजन, पेय और अन्य उपयुक्त उपकरण भी रखने चाहिए।॥9॥
 
‘Several thousand bricks should be brought soon. Many palaces should be built for the kings to stay along with food, drinks and other equipment suitable for them.॥ 9॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)