Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 1.13.5: तब महाबली ब्राह्मण वसिष्ठ मुनि 'बहुत अच्छा' कहकर राजा से इस प्रकार बोले - 'हे प्रभु! आपने जो प्रार्थना की है, मैं वही करूँगा।' ॥5॥ | ramayan सर्ग 1.13: यज्ञ की तैयारी, राजाओं को बुलाने के आदेश एवं उनका सत्कार तथा पत्नियों सहित राजा दशरथ का यज्ञ की दीक्षा लेना । ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तथेति च स राजानमब्रवीद् द्विजसत्तम:।
करिष्ये सर्वमेवैतद् भवता यत् समर्थितम्॥ ५॥
अनुवाद
तब महाबली ब्राह्मण वसिष्ठ मुनि 'बहुत अच्छा' कहकर राजा से इस प्रकार बोले - 'हे प्रभु! आपने जो प्रार्थना की है, मैं वही करूँगा।' ॥5॥
Then saying 'very good' the great Brahmin Vasishtha Muni spoke to the king in this manner - 'O Lord! Whatever you have prayed for, I will do that.' ॥ 5॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥