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ramayan 1.13.34-35h: तत्पश्चात् कुछ दिनों के पश्चात् राजा दशरथ के लिए अनेक रत्नों की भेंट लेकर राजागण अयोध्या आये।   |   ramayan सर्ग 1.13: यज्ञ की तैयारी, राजाओं को बुलाने के आदेश एवं उनका सत्कार तथा पत्नियों सहित राजा दशरथ का यज्ञ की दीक्षा लेना   ।   ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 1: बाल काण्ड  »  सर्ग 13: यज्ञ की तैयारी, राजाओं को बुलाने के आदेश एवं उनका सत्कार तथा पत्नियों सहित राजा दशरथ का यज्ञ की दीक्षा लेना  »  श्लोक 34-35h
 
 
श्लोक  1.13.34-35h 
तत: कैश्चिदहोरात्रैरुपयाता महीक्षित:॥ ३४॥
बहूनि रत्नान्यादाय राज्ञो दशरथस्य ह।
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् कुछ दिनों के पश्चात् राजा दशरथ के लिए अनेक रत्नों की भेंट लेकर राजागण अयोध्या आये।
 
Thereafter, after a few days, the kings came to Ayodhya with gifts of many gems for King Dasharatha. 34 1/2.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)