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ramayan 1.13.30: वसिष्ठजी के ये वचन सुनकर सुमन्तराम ने तुरन्त ही सज्जनों को आदेश दिया कि जाकर राजाओं को बुलाओ।   |   ramayan सर्ग 1.13: यज्ञ की तैयारी, राजाओं को बुलाने के आदेश एवं उनका सत्कार तथा पत्नियों सहित राजा दशरथ का यज्ञ की दीक्षा लेना   ।   ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  1.13.30 
वसिष्ठवाक्यं तच्छ्रुत्वा सुमन्त्रस्त्वरितं तदा।
व्यादिशत् पुरुषांस्तत्र राज्ञामानयने शुभान्॥ ३०॥
 
 
अनुवाद
वसिष्ठजी के ये वचन सुनकर सुमन्तराम ने तुरन्त ही सज्जनों को आदेश दिया कि जाकर राजाओं को बुलाओ।
 
On hearing these words of Vasishtha, Sumantram immediately ordered the good men to go and call the kings.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)