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ramayan 1.13.27: महाराज की अनुमति से पूर्व देश के श्रेष्ठ राजाओं तथा सिन्धु-सौवीर और सुराष्ट्र देश के भूस्वामियों को यहाँ आने के लिए आमंत्रित करो॥27॥   |   ramayan सर्ग 1.13: यज्ञ की तैयारी, राजाओं को बुलाने के आदेश एवं उनका सत्कार तथा पत्नियों सहित राजा दशरथ का यज्ञ की दीक्षा लेना   ।   ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 1: बाल काण्ड  »  सर्ग 13: यज्ञ की तैयारी, राजाओं को बुलाने के आदेश एवं उनका सत्कार तथा पत्नियों सहित राजा दशरथ का यज्ञ की दीक्षा लेना  »  श्लोक 27
 
 
श्लोक  1.13.27 
राज्ञ: शासनमादाय चोदयस्व नृपर्षभान्।
प्राचीनान् सिन्धुसौवीरान् सौराष्ट्रेयांश्च पार्थिवान्॥ २७॥
 
 
अनुवाद
महाराज की अनुमति से पूर्व देश के श्रेष्ठ राजाओं तथा सिन्धु-सौवीर और सुराष्ट्र देश के भूस्वामियों को यहाँ आने के लिए आमंत्रित करो॥27॥
 
'With the permission of the Maharaja, invite the best kings of the eastern country and the land lords of Sindhu-Sauveer and Surashtra country to come here. 27॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)