Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 1.13.23: ‘इसी प्रकार काशीराज भी तुम्हारे प्रिय मित्र हैं और सदैव मधुर वचन बोलने वाले हैं। वे देवताओं के समान गुणवान और तेजस्वी हैं; अतः तुम स्वयं जाकर उन्हें ले आओ॥ 23॥ | ramayan सर्ग 1.13: यज्ञ की तैयारी, राजाओं को बुलाने के आदेश एवं उनका सत्कार तथा पत्नियों सहित राजा दशरथ का यज्ञ की दीक्षा लेना । ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तथा काशिपतिं स्निग्धं सततं प्रियवादिनम्।
सद्वृत्तं देवसंकाशं स्वयमेवानयस्व ह॥ २३॥
अनुवाद
‘इसी प्रकार काशीराज भी तुम्हारे प्रिय मित्र हैं और सदैव मधुर वचन बोलने वाले हैं। वे देवताओं के समान गुणवान और तेजस्वी हैं; अतः तुम स्वयं जाकर उन्हें ले आओ॥ 23॥
‘Similarly, the King of Kashi is your dear friend and always speaks sweet words. He is virtuous and as illustrious as the gods; therefore go and bring him yourself.॥ 23॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥