Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 1.13.21-22: 'तुम सब देशों के श्रेष्ठ पुरुषों को आदरपूर्वक यहाँ ले आओ। मिथिला के स्वामी पराक्रमी और सत्यवादी राजा जनक हैं। उन्हें अपना पुराना सम्बन्धी जानकर तुम स्वयं जाकर उन्हें बड़े आदर और सम्मान के साथ यहाँ ले आओ; इसीलिए मैं तुमसे यह बात पहले कह रहा हूँ॥ 21-22॥ | ramayan सर्ग 1.13: यज्ञ की तैयारी, राजाओं को बुलाने के आदेश एवं उनका सत्कार तथा पत्नियों सहित राजा दशरथ का यज्ञ की दीक्षा लेना । ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
'तुम सब देशों के श्रेष्ठ पुरुषों को आदरपूर्वक यहाँ ले आओ। मिथिला के स्वामी पराक्रमी और सत्यवादी राजा जनक हैं। उन्हें अपना पुराना सम्बन्धी जानकर तुम स्वयं जाकर उन्हें बड़े आदर और सम्मान के साथ यहाँ ले आओ; इसीलिए मैं तुमसे यह बात पहले कह रहा हूँ॥ 21-22॥
'Bring all the good people of all the countries here with respect. The lord of Mithila is the valiant and truthful king Janaka. Knowing him to be your old relative, you should go yourself and bring him here with great respect and honour; that is why I am telling you this first.॥ 21-22॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥