Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 1.13.15-16h: ‘यज्ञ की आवश्यक तैयारी में जो कारीगर लगे हैं, उनका विशेष आदर करना चाहिए, छोटे-बड़े सबका ध्यान रखना चाहिए।॥ 15 1/2॥ | ramayan सर्ग 1.13: यज्ञ की तैयारी, राजाओं को बुलाने के आदेश एवं उनका सत्कार तथा पत्नियों सहित राजा दशरथ का यज्ञ की दीक्षा लेना । ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यज्ञकर्मसु ये व्यग्रा: पुरुषा: शिल्पिनस्तथा॥ १५॥
तेषामपि विशेषेण पूजा कार्या यथाक्रमम्।
अनुवाद
‘यज्ञ की आवश्यक तैयारी में जो कारीगर लगे हैं, उनका विशेष आदर करना चाहिए, छोटे-बड़े सबका ध्यान रखना चाहिए।॥ 15 1/2॥
‘The artisans who are involved in the necessary preparations for the yajna should be respected in a special way, keeping in mind the young and the old.॥ 15 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥