Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 1.13.13-14h: जो घर बनाए जाएँ, उनमें खाने-पीने की भरपूर सामग्री होनी चाहिए। उनमें सभी इच्छित वस्तुएँ उपलब्ध होनी चाहिए और नगरवासियों को भी भोजन के लिए उत्तम भोजन दिया जाना चाहिए। वह भी सम्मानपूर्वक दिया जाना चाहिए, उपेक्षापूर्वक नहीं।॥13 1/2॥ | ramayan सर्ग 1.13: यज्ञ की तैयारी, राजाओं को बुलाने के आदेश एवं उनका सत्कार तथा पत्नियों सहित राजा दशरथ का यज्ञ की दीक्षा लेना । ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
आवासा बहुभक्ष्या वै सर्वकामैरुपस्थिता:।
तथा पौरजनस्यापि जनस्य बहुशोभनम्॥ १३॥
दातव्यमन्नं विधिवत् सत्कृत्य न तु लीलया।
अनुवाद
जो घर बनाए जाएँ, उनमें खाने-पीने की भरपूर सामग्री होनी चाहिए। उनमें सभी इच्छित वस्तुएँ उपलब्ध होनी चाहिए और नगरवासियों को भी भोजन के लिए उत्तम भोजन दिया जाना चाहिए। वह भी सम्मानपूर्वक दिया जाना चाहिए, उपेक्षापूर्वक नहीं।॥13 1/2॥
‘The houses that are built should be stocked with ample food and drink. All the desired items should be available in them and the residents of the city should also be given very good food for food. That too should be given with due respect and not with disregard.॥ 13 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥