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ramayan 1.13.11: 'इसी प्रकार ग्रामवासियों के लिए भी विशाल भवन बनाए जाएँ। दूर-दूर से आए भूपालों के लिए अलग-अलग महल बनाए जाएँ। 11॥   |   ramayan सर्ग 1.13: यज्ञ की तैयारी, राजाओं को बुलाने के आदेश एवं उनका सत्कार तथा पत्नियों सहित राजा दशरथ का यज्ञ की दीक्षा लेना   ।   ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 1: बाल काण्ड  »  सर्ग 13: यज्ञ की तैयारी, राजाओं को बुलाने के आदेश एवं उनका सत्कार तथा पत्नियों सहित राजा दशरथ का यज्ञ की दीक्षा लेना  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  1.13.11 
तथा पौरजनस्यापि कर्तव्याश्च सुविस्तरा:।
आगतानां सुदूराच्च पार्थिवानां पृथक् पृथक्॥ ११॥
 
 
अनुवाद
'इसी प्रकार ग्रामवासियों के लिए भी विशाल भवन बनाए जाएँ। दूर-दूर से आए भूपालों के लिए अलग-अलग महल बनाए जाएँ। 11॥
 
'Similarly, spacious houses should be built for the rural residents also. Separate palaces should be built for the Bhupals who have come from far away. 11॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)