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ramayan 1.13.10: ब्राह्मणों के रहने के लिए सैकड़ों सुन्दर घर बनाए जाएँ। वे सभी घर खाने-पीने की बहुत-सी वस्तुओं से सुसज्जित हों तथा आँधी-बारिश को सहन करने में समर्थ हों।॥10॥   |   ramayan सर्ग 1.13: यज्ञ की तैयारी, राजाओं को बुलाने के आदेश एवं उनका सत्कार तथा पत्नियों सहित राजा दशरथ का यज्ञ की दीक्षा लेना   ।   ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 1: बाल काण्ड  »  सर्ग 13: यज्ञ की तैयारी, राजाओं को बुलाने के आदेश एवं उनका सत्कार तथा पत्नियों सहित राजा दशरथ का यज्ञ की दीक्षा लेना  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  1.13.10 
ब्राह्मणावसथाश्चैव कर्तव्या: शतश: शुभा:।
भक्ष्यान्नपानैर्बहुभि: समुपेता: सुनिष्ठिता:॥ १०॥
 
 
अनुवाद
ब्राह्मणों के रहने के लिए सैकड़ों सुन्दर घर बनाए जाएँ। वे सभी घर खाने-पीने की बहुत-सी वस्तुओं से सुसज्जित हों तथा आँधी-बारिश को सहन करने में समर्थ हों।॥10॥
 
‘Hundreds of beautiful houses should be built for the brahmins to live in. All those houses should be equipped with a lot of edible food and drink and should be capable of withstanding storms and rains.॥10॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)