Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 1.12.2: तत्पश्चात् उन्होंने देवोपम कांति विप्रवर ऋष्यश्रृंग को मस्तक झुकाकर प्रणाम किया और अपने वंश की रक्षा के लिए पुत्र प्राप्ति हेतु यज्ञ करने के उद्देश्य से उनका वरण किया ॥2॥ | ramayan सर्ग 1.12: ऋषियों का दशरथ को और दशरथ का मन्त्रियों को यज्ञ की आवश्यक तैयारी करने के लिये आदेश देना । ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तत्पश्चात् उन्होंने देवोपम कांति विप्रवर ऋष्यश्रृंग को मस्तक झुकाकर प्रणाम किया और अपने वंश की रक्षा के लिए पुत्र प्राप्ति हेतु यज्ञ करने के उद्देश्य से उनका वरण किया ॥2॥
After that, he bowed his head to Vipravar Rishya Shringa of Devopam Kanti and chose him for the purpose of performing a Yagya for the birth of a son for the protection of his lineage. 2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥