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ramayan 1.12.14: ब्राह्मणों के मुख से ये वचन सुनकर राजा बहुत प्रसन्न हुए और उन्होंने बड़े हर्ष के साथ ये शुभ वचन अपने मंत्रियों को सुनाए।   |   ramayan सर्ग 1.12: ऋषियों का दशरथ को और दशरथ का मन्त्रियों को यज्ञ की आवश्यक तैयारी करने के लिये आदेश देना   ।   ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 1: बाल काण्ड  »  सर्ग 12: ऋषियों का दशरथ को और दशरथ का मन्त्रियों को यज्ञ की आवश्यक तैयारी करने के लिये आदेश देना  »  श्लोक 14
 
 
श्लोक  1.12.14 
तत: प्रीतोऽभवद् राजा श्रुत्वा तु द्विजभाषितम्।
अमात्यानब्रवीद् राजा हर्षेणेदं शुभाक्षरम्॥ १४॥
 
 
अनुवाद
ब्राह्मणों के मुख से ये वचन सुनकर राजा बहुत प्रसन्न हुए और उन्होंने बड़े हर्ष के साथ ये शुभ वचन अपने मंत्रियों को सुनाए।
 
The king was very pleased to hear these words from the Brahmins. He told these auspicious words to his ministers with great joy. 14.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)