Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 1.11.22-23: राजा रोमपाद से अनुमति लेकर ऋष्यश्रृंग अपनी पत्नी सहित वहाँ से चले गए। उस समय पराक्रमी राजा रोमपाद और दशरथ ने हाथ जोड़कर एक-दूसरे का आलिंगन किया और एक-दूसरे को नमस्कार किया। तत्पश्चात, अपने मित्र रघुकुलपुत्र दशरथ से विदा लेकर वहाँ से चले गए। | ramayan सर्ग 1.11: राजा दशरथ का सपरिवार अंगराज के यहाँ जाकर वहाँ से शान्ता और ऋष्यश्रृंग को अपने घर ले आना । ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
राजा रोमपाद से अनुमति लेकर ऋष्यश्रृंग अपनी पत्नी सहित वहाँ से चले गए। उस समय पराक्रमी राजा रोमपाद और दशरथ ने हाथ जोड़कर एक-दूसरे का आलिंगन किया और एक-दूसरे को नमस्कार किया। तत्पश्चात, अपने मित्र रघुकुलपुत्र दशरथ से विदा लेकर वहाँ से चले गए।
Taking permission from King Romapada, Rishyashringa and his wife left from there. At that time, the powerful King Romapada and Dasharatha embraced each other with folded hands and greeted each other. Then, taking leave from his friend, Dasharatha, the son of the Raghukul, left from there.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥