Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 1.11.20-21: राजा रोमपाद ने ‘बहुत अच्छा’ कहकर उन बुद्धिमान महर्षि का आगमन स्वीकार किया और ऋष्यश्रृंग से कहा - ‘विप्रवर! आप शांता के साथ राजा दशरथ के यहाँ जाइये।’ राजा की अनुमति पाकर ऋषिपुत्र ने ‘तथास्तु’ कहकर राजा दशरथ को जाने की अनुमति दे दी। 20-21॥ | ramayan सर्ग 1.11: राजा दशरथ का सपरिवार अंगराज के यहाँ जाकर वहाँ से शान्ता और ऋष्यश्रृंग को अपने घर ले आना । ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
राजा रोमपाद ने ‘बहुत अच्छा’ कहकर उन बुद्धिमान महर्षि का आगमन स्वीकार किया और ऋष्यश्रृंग से कहा - ‘विप्रवर! आप शांता के साथ राजा दशरथ के यहाँ जाइये।’ राजा की अनुमति पाकर ऋषिपुत्र ने ‘तथास्तु’ कहकर राजा दशरथ को जाने की अनुमति दे दी। 20-21॥
King Romapada accepted the visit of that intelligent Maharishi by saying 'Very good' and said to Rishyashringa - 'Vipravar! You go with Shanta to King Dasharatha's place.' After getting the king's permission, the sage's son said 'Amen' and gave permission to King Dasharatha to go. 20-21॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥