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ramayan 1.10.5: यदि सुन्दर आभूषणों से सुसज्जित सुन्दर वेश्याएँ वहाँ जाएँगी, तो वे उन्हें नाना प्रकार से फुसलाकर इस नगर में ले आएँगी; अतः उन्हें आदरपूर्वक वापस भेज देना चाहिए। ॥5॥   |   ramayan सर्ग 1.10: अंगदेश में ऋष्यश्रृंग के आने तथा शान्ता के साथ विवाह होने के प्रसंग का विस्तार के साथ वर्णन   ।   ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 1: बाल काण्ड  »  सर्ग 10: अंगदेश में ऋष्यश्रृंग के आने तथा शान्ता के साथ विवाह होने के प्रसंग का विस्तार के साथ वर्णन  »  श्लोक 5
 
 
श्लोक  1.10.5 
गणिकास्तत्र गच्छन्तु रूपवत्य: स्वलंकृता:।
प्रलोभ्य विविधोपायैरानेष्यन्तीह सत्कृता:॥ ५॥
 
 
अनुवाद
यदि सुन्दर आभूषणों से सुसज्जित सुन्दर वेश्याएँ वहाँ जाएँगी, तो वे उन्हें नाना प्रकार से फुसलाकर इस नगर में ले आएँगी; अतः उन्हें आदरपूर्वक वापस भेज देना चाहिए। ॥5॥
 
"If beautiful prostitutes adorned with beautiful ornaments go there, they will lure them with various means and bring them to this city; therefore, they should be sent back with respect." ॥ 5॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)