Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 1.10.15: मेरा आश्रम यहीं निकट है। तुम सब लोग देखने में अत्यंत सुंदर हो (अथवा तुम्हारा दर्शन मेरे लिए शुभ है।) मेरे आश्रम में आओ। वहाँ मैं विधिपूर्वक तुम सबका पूजन करूँगा ॥15॥ | ramayan सर्ग 1.10: अंगदेश में ऋष्यश्रृंग के आने तथा शान्ता के साथ विवाह होने के प्रसंग का विस्तार के साथ वर्णन । ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
मेरा आश्रम यहीं निकट है। तुम सब लोग देखने में अत्यंत सुंदर हो (अथवा तुम्हारा दर्शन मेरे लिए शुभ है।) मेरे आश्रम में आओ। वहाँ मैं विधिपूर्वक तुम सबका पूजन करूँगा ॥15॥
"My ashram is near here. You all are extremely beautiful to look at. (or your sight is auspicious for me.) Come to my ashram. There I will worship you all according to the rituals." ॥15॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥