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ramayan 1.10.14: उन्होंने कहा, 'मेरे पिता का नाम विभाण्डक मुनि है। मैं उनका सच्चा पुत्र हूँ। मेरा ऋष्यश्रृंग नाम तथा तप आदि कर्म इस लोक में प्रसिद्ध हैं।' 14॥   |   ramayan सर्ग 1.10: अंगदेश में ऋष्यश्रृंग के आने तथा शान्ता के साथ विवाह होने के प्रसंग का विस्तार के साथ वर्णन   ।   ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 1: बाल काण्ड  »  सर्ग 10: अंगदेश में ऋष्यश्रृंग के आने तथा शान्ता के साथ विवाह होने के प्रसंग का विस्तार के साथ वर्णन  »  श्लोक 14
 
 
श्लोक  1.10.14 
पिता विभाण्डकोऽस्माकं तस्याहं सुत औरस:।
ऋष्यशृंग इति ख्यातं नाम कर्म च मे भुवि॥ १४॥
 
 
अनुवाद
उन्होंने कहा, 'मेरे पिता का नाम विभाण्डक मुनि है। मैं उनका सच्चा पुत्र हूँ। मेरा ऋष्यश्रृंग नाम तथा तप आदि कर्म इस लोक में प्रसिद्ध हैं।' 14॥
 
He said, 'My father's name is Vibhandak Muni. I am his true son. My Rishyashringa name and penance etc. deeds are famous in this world. 14॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)